दो स्वरों के मेल से होने वाले परिवर्तन को स्वर संधि कहते हैं- जैसे-रवींद्र = रवि + इंद्र। इस संधि में इ + इ = ई हुई है। इसे दीर्घ संधि कहते हैं। दीर्घ स्वर संधि के और उदाहरण खोजकर लिखिए। मुख्य रूप से स्वर संधियाँ चार प्रकार से पायी गयी हैं- दीर्घ, गुण, वृद्धि और यण। ”स्व या दीर्घ अ, , उ के बाद ”स्व या दीर्घ अ, , उ आए तो ये आपस में मिलकर क्रमशः दीर्घ आ, , ऊ हो जाते हैं, इसी कारण इस संधि को दीर्घ संधि कहते हैं| जैसे- संग्रह + आलय = संग्रहालय, महा + आत्मा = महात्मा।

इस प्रकार के कम-से-कम दस उदाहरण खोजकर लिखिए और अपनी शिक्षिका/शिक्षक को दिखाइए।


संधि के चार प्रकार और उनके उदारहणः

1- दीर्घ संधि



2- गुण संधि



3- वृद्धि संधि



4- यण संधि



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